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Prem Ka Sparsh | Rabindranath Tagore | Translation - Hazari Prasad Dwivedi

प्रेम का स्पर्श । रवींद्रनाथ टैगोर अनुवाद : हजारीप्रसाद द्विवेदी हे भुवन, मैंने जब तक तुम्हें प्यार नहीं किया था तब तक तुम्हारा प्रकाश खोज-खोजकर (भी) अपना सारा धन न...

Ameeri Rekha | Kumar Ambuj

अमीरी रेखा -  कुमार अम्बुज मनुष्य होने की परंपरा है कि वह किसी कंधे पर सिर रख देता है और अपनी पीठ पर टिकने देता है कोई दूसरी पीठ ऐसा होता आया है, बावजूद इसके कि कई च...

Hum Panchhi Unmukt Gagan Ke | Shivmangal Singh Suman

हम पंछी उन्मुक्त गगन के ।  शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ हम पंछी उन्‍मुक्‍त गगन के पिंजरबद्ध न गा पाएँगे, कनक-तीलियों से टकराकर पुलकित पंख टूट जाऍंगे। हम बहता जल पीनेवाले मर ज...

Ma | Padma Sachdeva

माँ । पद्मा सचदेव बुलाने के लिए कई नाम हैं जिसे पुकारो बोलता भी है पर एक नाम ऐसा है जिसे पुकारो तो सब चौकन्ने हो जाते हैं सभी सोचते हैं ये नाम मेरे लिए तो नहीं माँ...

Dono Oar Prem Palta Hai | Maithilisharan Gupt

दोनों ओर प्रेम पलता है।  मैथिलीशरण गुप्त  दोनों ओर प्रेम पलता है। सखि, पतंग भी जलता है हां! दीपक भी जलता है। सीस हिलाकर दीपक कहता -  ’बन्धु वृथा ही तू क्यों दहता?’ प...

Lipi | Hemant Deolekar

लिपि । हेमंत देवलेकर  उन्होंने कहा -" लिखो" मैं मोबाइल पर टाइप करने लगा यह देख वे भड़क उठे -"हमने कहा, लिखो" मेरी याददाश्त पर गहरी चोट पड़ी और मोबाइल हाथ से गिर गया ...

Barsaat Mubarak Ho | Meena Kumari 'Naaz'

बरसात मुबारक हो। मीना कुमारी नाज़ बरसात मुबारक हो ये साथ मुबारक हो हर दिन रहे सलोना हर रात मुबारक हो सँवलाई हुई शामों को हर सुब्ह मुबारक हो हिचकी हो या सिसकी हो हर ...

Kuch Sacchaiyaan Kuch Jhooth | Wazda Khan

कुछ सच्चाईयां, कुछ झूठ ।  वाज़दा खान    केवल मिसाइलें ही गहरे मारक असर नहीं करतीं जीवन में और भी बहुत कुछ है  गहरा और असरदार कभी उतरो जो उन गहराइयों में जहां बेहद अन्ध...

Mustanda Aur Bachcha | Shubha

मुस्टंडा और बच्चा।  शुभा भाषा के अंदर बहुत सी बातें सबने मिलकर बनाई होती हैं इसलिए भाषा बहुत समय एक विश्वास की तरह चलती है जैसे हम अगर कहें बच्चा तो सभी समझते हैं, ...

Pukare Ja Rahe Ho Ajnabee Se | Zafar Gorakhpuri

पुकारे जा रहे हो अजनबी से ।  ज़फ़र गोरखपुरी पुकारे जा रहे हो अजनबी से चाहते क्या हो ख़ुद अपने शोर में गुम आदमी से चाहते क्या हो ये आँखों में जो कुछ हैरत है क्या वो भी ...

Bin Gharni Ghar Bhoot ka Dhera | Abha Bodhisattva

बिन घरनी घर भूत का डेरा । आभा बोधिसत्व हज़ारों ग्रहों में यह धरती बहुत छोटी-सी है, हज़ारों घरों में बहुत छोटा है तुम्हारा घर तुम्हारा छोटा-सा घर था, ढेर सारे छोटे-छो...

Kehte Hain Taare Gaate Hain | Harivansh Rai Bachchan

कहते हैं, तारे गाते हैं! । हरिवंश राय बच्चन कहते हैं, तारे गाते हैं! सन्नाटा वसुधा पर छाया, नभ में हमने कान लगाया, फिर भी अगणित कंठों का यह राग नहीं हम सुन पाते हैं!...

Antim Sipahi Ki Tarah | Leeladhar Mandloi

अंतिम सिपाही की तरह । लीलाधर मंडलोई मैं उनके लिए पागल हूँ जिन्हें बचा नहीं सका मैं उनके लिए रोता हूँ जो लड़ते हुए क़ब्र में अब भी ज़िंदा हैं मैं रस्मी मातम में शरीक़...

Har Baar Deewaar | Jyotsna Milan

हर बार दीवार।  ज्योत्स्ना मिलन आसमान होगा की उम्मीद में बाहर देखती खिड़की से बाहर दीवार होती सामने और होती फाँक भर धूप दो दीवारों के बीच धरी-सी दीवार की जगह आसमान ...

Main Dhoondhta Hun Jisey | Kaifi Azmi

मैं ढूँडता हूँ जिसे ।  कैफ़ी आज़मी मैं ढूँडता हूँ जिसे वो जहाँ नहीं मिलता नई ज़मीन नया आसमाँ नहीं मिलता नई ज़मीन नया आसमाँ भी मिल जाए नए बशर का कहीं कुछ निशाँ नहीं मिल...

Mujhko Tera Shabab Le Baitha | Shiv Kumar Batalvi

मुझ को तेरा शबाब ले बैठा। शिव कुमार बटालवी अनुवाद: आकाश 'अर्श' मुझ को तेरा शबाब ले बैठा रंग, गोरा गुलाब ले बैठा दिल का डर था कहीं न ले बैठे ले ही बैठा जनाब ले बैठा ...

Janamdin | Baby Shaw

जन्मदिन ।  बेबी शॉ  तुम्हें सोचते हुए रोज़ एक नई दुनिया रचती हूँ मिट्टी के चावल धूल की सब्ज़ी पत्ते की रोटी खेल-घर जैसी... एक ऐसी दुनिया जिसे कोई नहीं जानता जहाँ ...

Apna Yatna Mein | Savita Singh

अपनी यातना में । सविता सिंह  वह सो चुकी थी कई नींदें कई दिन और रातें बीत चुकी थीं कई ज़िंदगियाँ बन और बिखर चुकी थीं इस बीच लेकिन एक सपना था जो अब भी झिलमिला रहा था जिस...

Vismriti ka Phool | Gobind Prasad

विस्मृति का फूल । गोबिंद प्रसाद ...मैं हूँ मैं हूँ किसी का ...हूँ किसी का सपना देखा हुआ अनदेखा अपना स्मृति में जैसे बसा-किसी की विस्मृति का फूल बन, खिलने की हसरत ...

Rone Wala Hi Gaata Hai | Gopaldas Neeraj

रोने वाला ही गाता है । गोपालदास नीरज रोने वाला ही गाता है! मधु-विष हैं दोनों जीवन में दोनों मिलते जीवन-क्रम में पर विष पाने पर पहले मधु-मूल्य अरे, कुछ बढ़ जाता है। ...

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